आज की ताजा खबर

किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं झोलाछाप डॉ बी के शुक्ला की कहानी

top-news

अवैध नर्सिंगहोम संचालको की पहली पसंद है शुक्ला

 सुशील मिश्रा

सुल्तानपुर l चांदा बाजार में शुक्रवार को न्यू आयुषी पाली क्लीनिक में हुई नवजात की मौत के मामले में सुर्खियों में आए झोलाछाप डाक्टर का इतिहास कम चौंकाने वाला नहीं है ।दो दशक के भीतर सुल्तानपुर के साथ ही आसपास के आधा दर्जन जिलों में सर्जन के रूप में मशहूर झोलाछाप डॉक्टर बी के शुक्ला की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। 5 हजार के पैकेज में बिना एनेस्थीसिया डाक्टर के आपरेशन करने वाले बी के  शुक्ला बिना डिग्री के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से चलने वाले अवैध नर्सिंगहोम संचालको की पहली पसंद बना हुआ है।

वर्ष 2000 में पड़ोसी जनपद जौनपुर के सिंगरामऊ बाजार में एक नामी डॉक्टर के कम्पाउंडर के रूप में चिकित्सा पेशे में घुसने वाले डाक्टर बी के शुक्ला ने सरपरस्ती में काम सीखा और 2006 में सुल्तानपुर जिले का रुख किया । एक नर्सिंगहोम में पार्टनर के रूप में तीन सालों तक काम करने और एक सर्जन के रूप में खुद को स्थापित करने के बाद 2009 में राहुल चौराहे के निकट डिहवा में जसलोक नाम से अपना हॉस्पिटल खोलकर आस पास के ग्रामीण अंचलों में आपरेशन की सुविधा देने लगा ।

आपरेशन के लिए डाक्टर ने 5 हजार का पैकेज बना दिया जिसमें एनेस्थीसिया डाक्टर का काम अपने साथ चलने वाले मातहत से कराता था। कम चार्ज होने के नाते  बिना डिग्री के ग्रामीण क्षेत्रों में हॉस्पिटल चलाने वाले झोलाछाप को अपने यहां सर्जरी के लिए बुलाने लगे । दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग का दबाव पड़ने पर एक रिटायर्ड मेडिकल अफसर सी वी पाण्डेय की डिग्री के सहारे खुद का व्यापार बढ़ाता रहा। 2023 में मेडिकल ऑफिसर की मौत होने के छोटे भाई को बीएएमएस की डिग्री दिलाकर आपरेशन का खेल जारी रखा ।

जसलोक हॉस्पिटल में भी आपरेशन के बाद हुई कई मौतों ने सुर्खियां बटोरी पर मैनेजमेंट के मजबूत खिलाड़ी होने के नाते हर बार बचते रहे।सालों तक झोलाछाप डाक्टर के साथ चलने वाले एक करीबी ड्राइवर ने बताया कि प्रतिदिन 30 से 35 आपरेशन का डाक्टर का टारगेट होता है। सालों तक यही ड्राइवर झोलाछाप डाक्टर के साथ एनेस्थीसिया डाक्टर की भूमिका निभाता रहा है ।न्यू आयुषी पाली क्लीनिक में दो आपरेशन के बाद रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद झोलाछाप डाक्टर पर होने वाली कार्यवाही पर सबकी निगाहें जमी हुई है । फिलहाल पुलिस के बयान में नाम आने के अब इनकी  मुश्किले बढ़नी तय मानी जा रही है ।

 

पेपर व डिजिटल मे विज्ञापन हेतु संपर्क करे

संपर्क सूत्र - +91 77549 54126

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *